Book Cover

Dharmputra (धर्मपुत्र)

Contributor(s): Chatursen, Acharya (Author)

ISBN: 9789355993489

Publisher: Diamond Pocket Books Pvt Ltd

Hardcover
$28.99
- +
Buy

Pub Date: February 2, 2024

Lexile Code: 0000

Target Age Group: NA to NA

Physical Info: 0.50" H x 8.50" L x 5.50" W ( 0.74 lbs) 146 pages

BISAC Categories:

Fiction | General

Descriptions, Reviews, etc.

Description:

धर्मपुत्र मनुष्य की अस्मिता के बारे में मूल प्रश्न उठाता है- क्या किसी इंसान का अस्तित्व इस बात पर निर्भर है कि वह किस परिवार में जन्मा या उसे किस प्रकार की शिक्षा संस्कार दिए गए या फिर इंसान की अस्मिता धर्म, शिक्षा और संस्कारों से परे इंसानियत से जुड़े जीवन-मूल्यों से है। यह कहानी है हिन्दू और मुसलमान परिवार की जिनका आपस में प्रेम भरा संबंध है। मुस्लिम परिवार की जवान लड़की की नाजायज औलाद को हिन्दू परिवार अपना लेता है और हिन्दू संस्कारों से उसका पालन-पोषण करता है। जवान होते-होते यह लड़का कट्टर हिन्दू बन जाता है और उसकी धारणा है कि मुसलमानों को भारत छोड़ देना चाहिए। इसी दौरान उसे अपनी जन्म देनेवाली मां की सच्चाई का पता चलता है। मां और बेटे के आपसी संबंध होने के बावजूद वे नदी के दो अलग-अलग किनारों की तरह खड़े हैं और बीच में घृणा और अविश्वास की सुलगती नदी वह रही है।मशहूर फ़िल्म-निर्माता यश चोपड़ा ने 1961 में इस उपन्यास पर इसी नाम से फ़िल्म बनाई थी जो बहुत ही लोकप्रिय हुई थी।
आचार्य चतुरसेन जी साहित्य की किसी एक विशिष्ट विधा तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने किशोरावस्था में कहानी और गीतिकाव्य लिखना शुरू किया, बाद में उनका साहित्य-क्षितिज फैला और वे जीवनी, संस्मरण, इतिहास, उपन्यास, नाटक तथा धार्मिक विषयों पर लिखने लगे।
शास्त्रीजी साहित्यकार ही नहीं बल्कि एक कुशल चिकित्सक आचाय चतुरसन भी थे। वैद्य होने पर भी उनकी साहित्य-सर्जन में गहरी रुचि थी। उन्होंने राजनीति, धर्मशास्त्र, समाजशास्त्र, इतिहास और युगबोध जैसे विभिन्न विषयों पर लिखा। 'वैशाली की नगरवधू', 'वयं रक्षाम' और 'सोमनाथ', 'गोली', 'सोना औरखून' (तीन खंड), 'रक्त की प्यास', 'हृदय की प्यास', 'अमर अभिलाषा', 'नरमेघ', 'अपराजिता', 'धर्मपुत्र' सबसे ज्यादा चर्चित कृतियाँ हैं।

Worth Considering
Product successfully added to cart!