Book Cover

Devangana

Contributor(s): Chatursen, Acharya (Author)

ISBN: 9789354621376

Publisher: True Sign Publishing House

Binding Types:

$11.99
$24.94 (Final Price)
$23.74 (100+ copies: $22.99)
List/retail price:
$11.99
- +
Buy

Pub Date: January 3, 2022

Lexile Code: 0000

Target Age Group: NA to NA

Physical Info: 0.29" H x 8.50" L x 5.50" W ( 0.36 lbs) 122 pages

BISAC Categories:

Fiction | General

Descriptions, Reviews, etc.

Description: भारतीय जीवन को बौद्धधर्म ने एक नया प्राण दिया। बौद्ध-संस्कृति भारतीय संस्कृति का एक अभंग और महत्त्वपूर्ण अंग थी। उसने भारतीय-संस्कृति के प्रत्येक अंग को समृद्ध किया। न्याय-दर्शन और व्याकरण में जैसे चोटी के हिन्दू विद्वान् अक्षपाद, वात्स्यायन, वाचस्पति, उदयनाचार्य थे उससे कहीं बढ़े-चढ़े बौद्ध दार्शनिक नागार्जुन, वसुबन्धु, दिङ्नाग, धर्मकीर्ति, प्रज्ञाकर गुप्त और ज्ञानश्री थे। पाणिनि, कात्यायन और पतंजलि जैसे दिग्गज हिन्दू वैयाकरणों के मुकाबिले में बौद्ध पण्डित काशिकाकार जयादित्य, न्यासकार जिनेन्द्रबुद्धि तथा पाणिनि सूत्रों पर भाषा वृत्ति बनाने वाले पुरुषोत्तमदेव कम न थे। कालिदास के समक्ष अश्वघोष को हीन कवि नहीं माना जा सकता। सिद्ध नागार्जुन तो भारतीय रसायन के एकक्षत्र आचार्य हैं। आरम्भिक हिन्दी का विकास भी बौद्धों ने किया। उनके अपभ्रंश काव्यों की पूरी छाप उत्तर कालीन सन्तों की निर्गुण धारा पर पड़ी। -इसी पुस्तक से

Worth Considering
Product successfully added to cart!